राजनीति विज्ञान

राजनीति विज्ञान के नोट्स



गत परीक्षाओ में पूछे गए राजनीति विज्ञान से सम्बंधित प्रश्न

  स्वतंत्रता,समानता बंधुत्व शब्द फ्रांस की क्रांति से लिए गए है |
  प्लेटो ने कर्तव्य पालन को न्याय कहा है |
·         अराजकता का पिता प्रूदो को माना जाता है |
·         उदारवादी सिद्धांत के प्रवर्तक टी.एच्.मार्शल को माना जाता है |
·         संविधान सभा के विचार का प्रतिपादन 1934 में ऍम.एन.रॉय ने किया था |
·         संविधान सभा का विधि सलाहकार बी.एन.राव था |
·         संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव जवाहरलाल नेहरू ने पेश किया था |
·         संविधान सभा की प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त,1947 को हुआ था |
·         भारतीय संविधान में राज्य के नीति निर्देशक तत्व आयरलैंड से लिए गए है |
·         संविधान में अवशिष्ट शक्तियों का सिद्धांत कनाडा के संविधान से लिए गए है |
·         संविधान में मूल कर्तव्य रूस के संविधान से लिए गए है,जिनको 1976 में जोड़े भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51,भाग -4 में स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर जोड़े गए |
·         वर्तमान में कुल मूल कर्तव्यों की संख्या 11 है |
·         राज्य के नीति निर्देशक तत्व भाग-4 में अनुच्छेद 36 से 51 तक है |
·         उच्चतम न्यायालय को संविधान का रक्षक कहा जाता है |
·         भारत का विभाजन माउंटबेटन योजना के द्वारा किया गया था |
·         बी.आर.आंबेडकर ने लंदन में हुए तीनो गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था |
·         संविधान सभा के कुल 11 अधिवेशन हुए थे |
·         संविधान की प्रस्तावना में केवल एक बार संशोधन हुआ है,जो 42वां संविधान संशोधन,1976 में हुआ था |
·         आधुनिक भारत का मनु भीमराव अम्बेडकर को कहा जाता है |
·         भीमराव अम्बेडकर ने मनुस्मृति ग्रन्थ की कटु आलोचना की थी |
·         वर्तमान में संघ सूचि में 100,राज्य सूचि में 61,और समवर्ती सूचि में 52 विषय है |
·         1976 में हुए 42वे  संविधान संशोधन द्वारा प्रस्तावना में समाजवादी,पंथ निरपेक्षता तथा अखंडता शब्द जोड़े गए |
·         अस्पृश्यता का अंत अनुच्छेद 17 में किया गया है |
·         उपाधियों की समाप्ति संविधान के अनुच्छेद 18 में की गयी है |
·         भारतीय संविधान की प्रस्तावना में भारत शब्द का प्रयोग दो बार किया गया है |
·         'कानून के समक्ष समता',जो संविधान के अनुच्छेद 14 में वर्णित है वह ब्रिटेन के संविधान से ली गयी है |
·         सम्पति के मूल अधिकार को 44वे संविधान संशोधन,1978 द्वारा एक क़ानूनी अधिकार बना दिया,जिसके कारन वर्तमान में मौलिक अधिकारों की संख्या 6 रह गयी है |
·         मौलिक अधिकार संविधान के भाग-3 में अनुच्छेद 14 से 35 तक है,जो अमेरिका से लिए गए है |
·         प्राण दैहिक स्वतंत्रता का सरक्षण संविधान के अनुच्छेद -21 में है |
·         बलात श्रम का उल्लेख अनु.23 में है |
·         86वे संविधान संशोधन,2000 द्वारा नया अनु.21()जोड़ा गया,जिसमें 14 वर्ष तक के बच्चो को अनिवार्य शिक्षा का अधिकार दिया है,जो ग्यारहवा मूल कर्तव्य भी है |
·         ग्राम पंचायतो का गठन अनुच्छेद-40 में है |
·         एक समान नागरिक संहिता अनुच्छेद-44 में है |
·         अनुच्छेद-45 के अनुसार 14 वर्ष तक के बालको की शिक्षा की व्यवस्था राज्य करेगा |
·         61वे संविधान संशोधन द्वारा मताधिकार की आयु 21 से घटाकर 18 की गयी थी |
·         केंद्र सरकार की प्रशासनिक शक्तियों का विवरण अनु-73 में है,और राज्य की प्रशासनिक शक्तियों का विवरण अनु-162 में है |
·         राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल की नियुक्ति अनु.-155 के तहत की जाती है तथा अनु.156 के तहत राज्यपाल को हटाया जा सकता है |
·         राज्यपाल द्वारा अध्यादेश अनु.-213 के अंतर्गत जारी किया जाता है |
·         भारत मेंप्रथम वित् आयोग की स्थापना 1951 में की गयी थी,जिसके प्रथम अध्यक्ष के.सी.नियोगी थे |
·         संसदीय शासन व्यवस्था में मंत्री व्यवस्थापिका या संसद के प्रति उत्तरदायी होते है |
·         अनु.-85(1) के अंतर्गत राष्ट्रपति लोकसभा का विघटन कर सकता है |
·         मंत्रिपरिषद सयुंक्त रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है |
·         संविधान के अनु.-80 में राज्यसभा तथा अनु.-81 में लोकसभा गठन के सम्बन्ध में वर्णन है |
·         लोकसभा राज्यसभा में गणपूर्ति कोरम 1/10 है |
·         राज्यसभा अधिकतम 14 दिन तक धन विधेयक को अपने पास रख सकती है,उसके बाद धन विधेयक अपने आप पारित हो जाता है |
·         धन विधेयक लोकसभा प्रस्तुत करती है |
·         कोनसा विधेयक धन विधेयक है,यह लोकसभा अध्यक्ष निर्णय करता है |
·         राज्यसभा के मंत्रियो के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव नहीं रखा जा सकता है |
·         संसद का नया सत्र राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू होता है |

Post a Comment

0 Comments