निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार -2009 / RTE-2009

निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार -2009 / RTE-2009





संवैधानिक स्थिति :-

  • अनुच्छेद - "21 क" में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चो के लिए शिक्षा एक मूल अधिकार है |
  • अनुच्छेद - "45" के अनुसार राज्य का यह कर्तव्य है की संविधान लागु होने के 10 वर्षो के भीतर राज्य ऐसी व्यवस्था करेगा कि 14 वर्ष से कम उम्र का बच्चा निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सके |
  • अनुच्छेद - "51 क" में मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख है | 2002 में जोड़े गए 11वें मौलिक कर्तव्य है कि वे 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चो को शिक्षा प्राप्त करने के उचित अवसर दे |
  • 20 जुलाई 2009 को राज्य `सभा में तथा 4 अगस्त 2009 को लोकसभा में पारित किया गया |
  • यह अधिनियम जम्मू कश्मीर को छोड़कर सम्पूर्ण भारत में 1 अप्रेल 2010 में लागु हो गया |
  • इस अधिनियम के लागु करने में केंद्र व राज्यों के खर्चो का अनुपात 65:35 है |
  • पूर्वोत्तर के राज्यों में यह अनुपात 90:10 का है |
  • इस अधिनियम में प्रारंभिक शिक्षा की बात की गयी है जो कक्षा 1 से 8 तक होगी |

निशुल्क का अर्थ :-

  • निशुल्क शिक्षा का अर्थ ऐसी कोई आर्थिक बाधा न हो जिसके कारण कोई भी बालक या बालिका 8 साल तक की स्कूली शिक्षा से वंचित रह जाये |

अनिवार्यता :-

  • इसका अर्थ है कि सरकार ऐसे स्कूली तंत्र कि व्यवस्था करे जिसमे बालक-बालिकाएं उत्साहित हो |
  • कक्षा-8 तक किसी भी बालक व बालिका को फेल नहीं किया जा सकता |
  • किसी भी बालक बालिका को शारीरिक दंड नहीं दिया जा सकता और न ही मानसिक उत्पीड़न किया जा सकता है |

शिक्षक :-

  • केंद्र स्तर पर NCTE अध्यापको के लिए अकादमिक तथा प्रशिक्षण की योग्यताये निर्धारित करेगी |
  • अध्यापक प्राइवेट ट्युसन नहीं करा सकेंगे |
  • शिक्षक को जनगणना,प्राकृतिक विपदा तथा आम चुनावों के आलावा किसी भी गैर शैक्षिक कार्यों में नहीं लगाया जा सकता |
  • विद्यालय के विकास कार्य विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से किये जायेंगे |
  • विद्यालय प्रबंधन समिति में तीन चौथाई सदस्य बच्चो के अभिभावक व सरंक्षक होंगे |
  • विद्यालय जिस वार्ड में स्थित है उसका जनप्रतिनिधि विद्यालय प्रबंधन समिति का सदस्य होगा |
  • स्कूल का प्रधानाध्यपक इस समिति का पदेन सचिव होगा |
  • ये अधिनियम अध्यापको से यह अपेक्षा करता है कि वे नियमित रूप से स्कूल प्रारम्भ होने के एक घंटे पहले तथा स्कूल समाप्ति के एक घंटे बाद तक विद्यालय में रुकेंगे |
  • अभिभावक व शिक्षकों के मध्य समय-समय पर बैठक होगी |
  • कोई भी विद्यालय बालक को प्रवेश देते हुए किसी भी प्रकार कि छटनी परीक्षा तथा प्रतिव्यक्ति फीस नहीं लेगा |

विद्यालय प्रबंधन समिति ( S.M.C.) :-

  • विद्यालय प्रबंधन समिति एक 15 सदस्य कार्यकारिणी समिति है |
  • इसमें से न्यूनतम तीन चौथाई यानि 11 सदस्य माता,पिता या अभिभावकों में से होंगे तथा अधिकतम चार सदस्य अन्य व्यक्ति होंगे |
  • कार्यकारिणी के सदस्यों में 50 प्रतिशत महिलाएं अर्थात कम से कम 7 महिलाएं आवश्यक रूप से होगी |
  • कार्यकारिणी कि समिति में माता,पिता व अभिभावकों का निर्वाचन प्रत्येक वर्ष के प्रारम्भ में नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने पर 14 अगस्त से पहले साधारण सभा द्वारा किया जायेगा |

सदस्य :-

  1. 11 अभिभावक 
  2. 1 पदेन सदस्य :- पार्षद या पंच
  3. 1 पदेन सदस्य(सचिव) :- प्रधानाध्यापक 
  4. 1 निर्वाचित अध्यापक :- सामान्यतः अध्यापिका 
  5. 1 मनोनीत शिक्षा शास्त्री या बालक सदस्य
  • S.M.C. में कोरम या गणपूर्ति के लिए 25% सदस्यों कि उपस्थिति अनिवार्य है |
  • विद्यालय में T.C. देने में आनाकानी या विलम्ब करने पर संस्था प्रधान के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रावधान है |
  • माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चो को स्कूल में नियमित रूप से भेजना सुनिश्चित करे |
  • यदि कोई स्कूल कक्षा - 1 से 8 तक प्रवेश देने के लिए किसी प्रकार कि स्क्रीनिंग करता है तो उस पर पहले केस में 25,000 रुपये तथा उसके बाद हर केस में 50,000 रुपये तक का जुर्माना |
  • बिना मान्यता के स्कूल चलाने कि स्थिति में 10,000 रूपये का जुर्माना पर उसके बाद स्कूल चलाते रहने पर प्रतिदिन 10,000 रूपये का जुर्माना |
  • इस अधिनियम में प्राथमिक कक्षा के लिए नेबरहुड स्कूल का दायरा एक किलोमीटर तथा उच्च प्राथमिक स्कूल के लिए नेबरहुड का दायरा तीन किलोमाटर है |
  • प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण होने तक छात्र से किसी बोर्ड परीक्षा को पास करने कि अपेक्षा नहीं है |
  • बच्चो का प्रारंभिक शिक्षा का लर्निंग रेकॉर्ड रखना अनिवार्य है | 

छात्र शिक्षक अनुपात :-

  • प्राथमिक स्तर पर :- 1:30
  • उच्च प्राथमिक स्तर पर :-1:35
  • 200 से ज्यादा होने पर :-1:40
  • 60 बच्चो तक :- 2 शिक्षक 
  • 61 से 90 बच्चो तक :- 3 शिक्षक 
  • 91 से 120 तक :- 4 शिक्षक 
  • 121 से 150 तक :- 5 शिक्षक 
  • 151 से अधिक पर :- 5 शिक्षक व 1 प्रधानाध्यापक 
उच्च प्राथमिक स्तर पर 100 बच्चो पर एक प्रधानाध्यपक होगा |

न्यूनतम कार्य दिवस :-

  • प्राथमिक स्तर पर :- 200 दिन
  • उच्च प्राथमिक स्तर पर :- 220 दिन 

शैक्षणिक कार्य घंटे :-

  • प्राथमिक स्तर पर :- 800 घंटे 
  • उच्च प्राथमिक स्तर पर :- 1000 घंटे 
शिक्षक के न्यूनतम कार्य घंटे प्रति सप्ताह :- 45 घंटे प्रति सप्ताह 

Post a Comment

0 Comments