राजस्थान का अरावली प्रदेश

राजस्थान का अरावली प्रदेश 





  • अरावली की भूगर्भिक संचना का सर्वप्रथम अध्ययन ए.एम.हैरान ने किया था |
  • इस पर्वतमाला में ग्रेनाइट,नीस,क्वार्ट्जाइट चटानो की प्रधानता पाई जाती है |
  • अरावली पर्वतमाला विश्व की सबसे प्राचीनतम पर्वतमाला है,जिसका निर्माण प्रीकैंब्रियन युग में लगभग 65 करोड़ वर्ष पूर्व हुआ था |
  • अरावली का विस्तार दिल्ली के रायसिंह से हरियाणा,राजस्थान होते हुए गुजरात के पालनपुर के खेड़ाबराह तक 692 किमी.विस्तृत है |
  • इसमें से राजस्थान में झुंझुनू से सिरोही के मध्य 550 किमी.विस्तृत है |
  • अरावली की जड़े अरब सागर के लक्षदीप तक बताई गई है,इसलिए अरावली का पिता अरब सागर को कहा गया है |
  • अरावली निर्माण की प्रक्रिया में एक वलित पर्वत है,जबकि वर्तमान अवस्था के आधार पर यह एक अवशिष्ट पर्वत है |
  • अरावली की औसत ऊंचाई 930 मीटर है |
  • अरावली का पौराणिक नाम "परिपत्र" है |
  • यह राजस्थान को दो भागो में बांटती है तथा जल विभाजक का कार्य करती है |

अरावली को प्रादेशिक आधार पर तीन भागो में बांटा गया है :-


  1. उतरी अरावली 
  2. मध्य अरावली
  3. दक्षिणी अरावली

(1) उतरी अरावली :-


  • इसका विस्तार झुंझुनू के खेतड़ी से जयपुर के सांभर झील तक है |
  • शेखावाटी में अरावली की पहाड़ियों को "मालखेत व पालखेत" की पहाड़ियां कहा जाता है |
  • खेतड़ी व अलवर की पहाड़ियों के मध्य फैले भाग को "तोरावाटी प्रदेश" कहा जाता है |
  • उतरी अरावली की सर्वोच्च चोटी सीकर की रघुनाथगढ़ (1055 मी.) है |
  • सीकर जिले में स्थित हर्ष पर्वत पर रैवासा धाम,रैवासा खारे पानी की झील,जीणमाता का मंदिर उतरी अरावली से ही सम्बंधित है |
  • जयपुर का आमेर,बैराठ,सांभर,सीकर का खंडेला व नीमकाथाना,झुंझुनू का खेतड़ी-सिंघाना, सवाई माधोपुर का चौथ का बरवाड़ा करौली का कैला देवी मंदिर इसी पर्वतमाला से सम्बंधित है |

(2) मध्य अरावली :- 


  • इसका विस्तार सांभर से टाटगढ़ तक है |
  • मध्य अरावली को ही मेरवाड़ा की पहाड़ियां कहा जाता है |
  • अजमेर के पश्चिम भाग अर्थात पाली जिले की सेंदड़ा या दड़ा स्टैशन के समीप फैली पर्वतश्रृंखला में सर्प के फन जैसी आकृति की चट्टानें पाई जाती है |
मध्य अरावली के प्रमुख दर्रे या नाल :-
  1. बर
  2. परवेरया
  3. शिवपुरी घाट
  4. सुराघाट 

(3) दक्षिणी अरावली :-

  • दक्षिणी अरावली अरावली का सबसे विस्तृत,सबसे सघन और सबसे ऊँचा भाग है |
  • चित्तौरगढ़ का दुर्ग "मैसा के पठार" पर स्थित है,जबकि डूंगरपुर को "पहाड़ों की नगरी" कहा जाता है |
  • सिरोही जिले में स्थित माउन्ट आबू राजस्थान का सबसे ऊँचा नगर तथा उसी पर स्थित नक्की झील राजस्थान की सबसे ऊँची झील है |
  • इसी पर स्थित "उड़िया का पठार"(1360 मी.) राजस्थान का सबसे ऊँचा पठार है तथा इसी पर स्थित गुरु शिखर (1722 मी.) राजस्थान व अरावली ही नहीं, मध्य भारत की भी सबसे ऊँची चोटी है |
  • सिरोही जिले में नुकीली पहाड़ियों को "भाखर" तथा उदयपुर जिले में तश्तरीनुमा पहाड़ियों को "गिर्वा" कहा जाता है |
  • उदयपुर के जरगा व रागा के मध्य फैले पठार को "देशहरो का पठार" कहा जाता है |
  • उदयपुर जिले के जयसमंद झील का पूर्वी किनारा कटा-फटा सा है,जिसे "लासडिया का पठार" कहा जाता है |
  • राजसमंद के कुम्भलगढ़ व उदयपुर के गोगुन्दा के मध्य फैले पठार को "भोराठ का पठार" कहा जाता है |
दक्षिण अरावली के प्रमुख दर्रे :-
  1. फुलवारी की नाल व केवड़ा की नाल :- उदयपुर व बांसवाड़ा के मध्य
  2. हाथीगुड़ा की नाल :- उदयपुर व सिरोही के मध्य
  3. सोमेश्वर की नाल व देसूरी की नाल :- पाली व राजसमंद के मध्य
  4. जीवल्या व पगल्या की नाल :- पाली में
  5. हल्दीघाटी व दिवेर की नाल :- राजसमंद में 
राजस्थान की कुछ महत्वपूर्ण पर्वत चोटियां :-
  1. गुरुशिखर - 1722 मी. (सिरोही)
  2. सेर - 1597 मी. (सिरोही)
  3. देलवाड़ा - 1442 मी. (सिरोही)
  4. जरगा - 1431/1432 मी. (उदयपुर)
  5. अचलगढ़ - 1380 मी. (सिरोही)
  6. कुम्भलगढ़ -1224 मी. (राजसमंद)
  7. धोलिया डूंगर - 1183/1186 मी. (राजसमंद)
  8. झेलिया डूंगर -1166 मी. (राजसमंद)
  9. रघुनाथगढ़ -1055 मी. (सीकर)
  10. ऋषिकेश - 1017 मी.(सिरोही)
  11. कमलनाथ - 1001 मी. (उदयपुर)
  12. सज्जनगढ़ - 938 मी. (उदयपुर)
  13. मोरामजी/टाटगढ़ - 933 मी. (अजमेर)
  14. खो - 920 मी. (जयपुर)
  15. लीलागढ़ -874 मी. (उदयपुर)
  16. तारागढ़ - 873 मी. (अजमेर)
  17. डोरा पर्वत - 869 मी. (जालोर)
  18. नाग पानी - 867 मी. (उदयपुर)
  19. इसराना भाखर - 839 मी. (जालोर)
  20. नाग पहाड़ - 795 मी. (अजमेर)
  21. भैरोच - 792 मी. (अलवर)
  22. बरवाड़ा - 786 मी. (जयपुर)
  23. बबाई - 780 मी. (झुंझुनू)
  24. बिलाली - 775 मी. (अलवर)
  25. रोजा भाखर - 730 मी. (जालोर)
  26. बैराठ - 704 मी. (जयपुर)
  27. सिरावास - 651 मी. (अलवर)
  28. जयगढ़ - 648 मी. (जयपुर)
  29. नाहरगढ़ -599 मी. (जयपुर)
  30. झारोल पहाड़ - 588 मी. (जालोर)  

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