वायुमंडल का संगठन व सरंचना

वायुमंडल का संगठन व सरंचना :-





वायुमंडल का निर्माण निम्नलिखित घटको से हुआ है -

(1) धूल के कण या ऐरोसॉल्स :-

  • वायुमंडल में विध्यमान धूल के  कण बादलो के निर्माण के लिए आद्रताग्राही नाभिक (क्लाउड सीडी/मेघ विज़न) बनते है |
  • ये धूल के कण सूर्य के प्रकाश को प्रकीर्णित करके आकाश में विविध रंग प्रदान करते है |

(2) जलवाष्प :-

  • वायुमंडल में जलवाष्प की मात्रा 2 से 4 प्रतिशत तक पायी जाती है |
  • सर्वाधिक मात्रा भूमध्यरेखा पर तथा न्यूनतम ध्रुवो पर पाई जाती है |

(3) गैस :-
(i) नाइट्रोजन :- 78.08 प्रतिशत

  •  नाइट्रोजन वायुमंडल में सर्वाधिक मात्रा में पाई जाने वाली गैस है,जो वनस्पति के विकास में सहायक है |
  • यह लेग्यूमिनिस फूल के पोधो की जड़ो में गांठो के रूप में पाई जाती है |
  • इस गैस की खोज 1772 में रदरफोर्ड के द्वारा की गई थी |
  • इस गैस का प्रारंभिक नाम 'मेफेटिक एयर' था |

(ii) ऑक्सीजन :- 20.95 प्रतिशत

  • यह एक प्राणदायी गैस है |
  • यह गैस आग लगाने में सहायक है |
  • इस गैस की खोज 'विलियम शिले' ने की,जबकि प्रामाणिक 'जोसेफ प्रींसटली 'ने किया था |

(iii) ऑर्गन :- 0.93 प्रतिशत

  • यह एक स्थायी गैस है,लेकिन अक्रिय गैस है |

(iv) कार्बन-डाई-ऑक्साइड :-0.03 प्रतिशत

  • यह गैस आग बुझाने में सहायक है |
  • यह पेड़-पोधो के भोजन निर्माण में प्रकाश संश्लेषण की अभीक्रिया में एक महत्वपूर्ण घटक है |
  • यह एक प्रमुख ग्रीन हाऊस गैस है |

(v) हइड्रोजन :- 0.001 प्रतिशत 

  • यह गैस जल के निर्माण में एक अनिवार्य घटक है |

नोट :- उपरोक्त पांचो गैसे स्थायी गैस है,जिनमे से ऑर्गन को छोड़कर शेष चारों गैसे सक्रिय है |

वायुमंडल की सरंचना :-

(1) क्षोभमंडल/ट्रोपोस्फीयर:-

  • धरातल से ऊपर की और चलने पर पहली परत क्षोभमंडल या ट्रोपोस्फियर है | जिसकी ऊंचाई 8 से 18 किमी.(NCERT = 13 किमी.) है |
  • इसकी ऊपरी सिमा पर तापमान घट कर -45 डिग्री से -80 डिग्री सेंटीग्रेड हो जाता है |
  • इस मंडल को संवहन मंडल,परिवर्तन मंडल,जैव मंडल,विक्षोभ मंडल भी कहा जाता है |
  • इस मंडल में मौसम सम्बन्धी परिवर्तन होते है अर्थात आंधी,तूफान,चक्रवात आदि घटित होते है |
  • इस मंडल की खोज ट्रोपोस्फियर के रूप में 'टिरजेन्स डि. बोर्ड' ने की थी |

(2)समताप मंडल/स्ट्रैटोस्फियर :-

  • इस मंडल में वायुयान संचालित होते है |
  • क्षोभ सीमा के ऊपर बनने वाली परत समताप मंडल कहलाती है,जो धरातल से 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक है |
  • इसकी ऊपरी सीमा पर तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रह जाता है |
  • मौसम सम्बन्धी परिवर्तन नहीं होने के कारण इसमें वायुयान संचालित किये जाते है |
  • इस मंडल में 20 से 35 किमी.पर बनने वाली ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों से हमारी रक्षा करती है |
  • ओजोन दिवस 16 सितम्बर को मनाया जाता है |
  • समताप मंडल के निचले भाग में कभी-कभी सिरस बादल/मुक्ताभ मेघ बनते है,जिन्हे 'मदर ऑफ़ पर्ल क्लाउड' कहा जाता है |
(3) मध्यमंडल/मिजोस्फियर/मीसोस्फियर :-
  • समताप सीमा के ऊपर बनने वाले मंडल को मध्यमंडल या रसायन मंडल भी कहते है |
  • इस मंडल की ऊपरी सीमा पर तापमान घटकर -100 डिग्री सेंटीग्रेड रह जाता है,जो पृथ्वी सहित सम्पूर्ण वायुमंडल का सबसे न्यूनतम तापमान है |
  • इस मंडल में निशादीप्त मेघ बनते है |
      (4) आयन मंडल/आयनोस्फियर :-
      • मध्य सीमा के ऊपर बना आयन मंडल 640 किमी.(ncert -400 किमी.) की ऊंचाई तक फैला है |इस मंडल में गैसे आयनित अवस्था में पाई जाती है |(+ -)
      • इस मंडल में ध्रुवीय ज्योति (अरोरा) उत्पन होती है,जिसे उत्तरी ध्रुव पर बोरियालिस अरोरा व दक्षिणी ध्रुव पर बोरियालिस अरोरा कहा जाता है |
      • इस मंडल से रेडियो तरंगे प्रवर्तित होकर पुनः धरातल पर पहुँचती है |
          (5) बहिर्मंडल/एक्सोस्फियर :-
          • इस मंडल में कृत्रिम उपग्रह स्थापित किये जाते है |
          नोट :- क्षोभमंडल,समतापमंडल,मध्यमंडल को सम्मिलित रूप से सम मंडल तथा आयन मंडल व बहिर्मण्डल को सम्मिलित रूप से विषम मंडल कहा जाता है |
            नोट:- आयन मंडल व बहिर्मंडल में तापमान ऊपर जाने पर निरंतर बढ़ता जाता है,अतः इन दोनों मंडलो को सामूहिक रूप से तापमण्डल कहा जाता है |

            Post a Comment

            0 Comments