राजस्थान के प्रमुख व ऐतिहासिक युद्ध

राजस्थान के प्रमुख व ऐतिहासिक युद्ध 






(1) तराइन का प्रथम युद्ध (1191):-
अजमेर व दिल्ली के चौहान सम्राट पृथ्वीराज चौहान तृतीय व मुहम्मद गौरी के मध्य,जिसमें पृथ्वीराज की विजय हुई |
(2) तराइन का दूसरा युद्ध (1192) :-
पृथ्वीराज तृतीय व गौरी के बीच हुआ,जिसमे गौरी की विजय हुई |
(3) रणथम्भोर का युद्ध (1301) :-
रणथम्भोर शासक राणा हम्मीर देव चौहान व सुल्तान अल्लाउद्दीन खिलजी के मध्य,जिसमे अल्लाउद्दीन खिलजी की जीत हुई |
(4) चितौड़ का युद्ध (1303) :-
मेवाड़ के गुहिल शासक राव रत्नसिंह व अल्लाउद्दीन खिलजी के बीच हुआ,जिसमे अल्लाउद्दीन खिलजी ने विजय प्राप्त की तथा चितौड़ का नाम खिज्राबाद रखा |
(5) सिवाना का युद्ध (1308) :-
अल्लाउद्दीन खिलजी ने वीर सातलदेव चौहान की सेना को हराकर सिवाना दुर्ग पर कब्ज़ा किया और उसका नाम खैराबाद रखा |
(6) जालौर का युद्ध (1311) :-
अल्लाउद्दीन खिलजी ने सोनगरा चौहान शासक कान्हड़ देव को पराजित किया |
(7) सारंगपुर का युद्ध (1437) :-
मेवाड़ के महाराणा कुम्भा ने मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी को हराया,इसी विजय के उपलक्ष में कुम्भा ने विजय स्तम्भ का निर्माण करवाया था |
(8) खातोली  का युद्ध (1518) :-
मेवाड़ के राणा सांग ने दिल्ली सुल्तान इब्राहिम लोदी को हराया |
(9) गागरोन का युद्ध (1579) :-
राणा सांगा ने मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी को हराकर बंदी बनाया |
(10) बयाना का युद्ध (1527) :-
राणा सांगा ने बाबर की सेना को हराकर बयाना का किला जीता |
(11) खानवा का युद्ध (1527) :-
मुग़ल बादशाह बाबर ने राणा सांगा को हराया |
(12) गिरी सुमेल युद्ध (1544) :-
दिल्ली के अफगान बादशाह शेरशाह सूरी ने जोधपुर के राठौड़ शासक मालदेव को हराया तथा कहा की "मुट्ठी भर बाजरी के लिए में हिंदुस्तान की बादशाहत खो देता |"
(13) चितौड़ का युद्ध (1567) :-
अकबर की सेना ने मेवाड़ महाराणा उदयसिंह को हराया |
(14) हल्दी घाटी का युद्ध (1576) :-
अकबर के सेनापति मानसिंह एवं महाराणा प्रताप की सेना के मध्य हुआ,जिसमे महाराणा प्रताप की पराजय  हुई |
(15) कुम्भलगढ़ का युद्ध (1578) :-
शाहबाज खां के नेतृत्व में मुग़ल सेना एवं महाराणा प्रताप की सेना के मध्य हुआ,जिसमे मुग़ल सेना ने कुम्भलगढ़ पर अधिकार कर लिया |
(16) मतीरे की राड या युद्ध (1644) :-
यह युद्ध मतीरे लेने के मामले पर अमर सिंह राठौड़ (नागौर के शासक) व बीकानेर के राजा करण सिंह के बीच हुआ था |
(17) धरमत का युद्ध (1658) :-
ओरंगजेब ने उत्तराधिकार युद्ध में शाही सेना व दारा शिकोह को हराया |
(18) दोराई का युद्ध (1659) :-
अजमेर के निकट ओरंगजेब ने दारा शिकोह को पुनः हराया |
(19) पिलशुद का युद्ध (1715) :-
जयपुर नरेश सवाई जयसिंह ने मराठों की सेना को पराजित किया था |
(20) मंदसौर का युद्ध (1733) :-
जयपुर के सवाई जयसिंह व मराठों के बीच हुआ,जिसमे सवाई जयसिंह पराजित हुआ |
(21) राजमहल (टोंक) का युद्ध (1747) :-
जयपुर नरेश ईश्वरी सिंह ने अपने भाई माधोसिंह,मराठा एवं कोटा-बूंदी की सयुंक्त सेना को हराया |
(22) भटवाड़ा का युद्ध (1761) :-
कोटा के राजा शत्रुसाल एवं जयपुर नरेश सवाई माधोसिंह के मध्य हुआ,जिसमे शत्रुसाल विजयी हुआ |
(23) तुंगा का युद्ध (1787) :-
जयपुर नरेश सवाई प्रताप सिंह व जोधपुर नरेश महाराणा विजय सिंह की सयुंक्त सेना ने मराठा महादजी सिंधिया की सेना को हराया |
(24) गिंगोली का युद्ध (1807) :-
जयपुर नरेश जगत सिंह द्वितीय एवं जोधपुर शासक मानसिंह राठौड़ के मध्य मेवाड़ की राजकुमारी कृष्णा कुमारी से विवाह को लेकर हुए विवाद के कारण हुआ युद्ध,जिसमे जोधपुर की पराजय हुई |
(25) बिथौरा का युद्ध (1857) :-
आउवा के ठाकुर कुशल सिंह चम्पावत के नेतृत्व में क्रांतिकारियों की सेना ने कैप्टन हीथकोट के नेतृत्व में आई अंग्रेजी व जोधपुर राज्य की सयुंक्त सेना को हराया |
(26) आउवा क युद्ध (1857) :-
आउवा में कुशालसिंह के नेतृत्व वाली क्रांतिकारी सेना ने अंग्रेजी सेना व जोधपुर की सेना को हराया |

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